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जांच और उपचार

जांच और उपचार

लोगों में यह एक ग़लत धारणा है अगर वे मानसिक तौर पर मज़बूत हैं और संपन्न परिवार से आते हैं, तो उन्हें अवसाद नहीं हो सकता, जबकि हक़ीक़त इसके बिल्कुल विपरीत है। अवसाद किसी को भी हो सकता है, फिर चाहे वह किसी भी उम्र, लिंग, सामाजिक स्थिति से संबंध रखता हो। अगर आप मानसिक तौर पर मज़बूत हैं, तब भी आपको अवसाद हो सकता है।

हमारे शारीरिक स्वास्थ्य या आस-पास में होने बदलावों की वजह से भी हम मानसिक तनाव और अवसाद के शिकार हो सकते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी पेशेवर व्यक्ति को आपके स्वास्थ्य से जुड़े इतिहास और मानसिक स्वास्थ्य को जांचने वाले कुछ टेस्ट करने की ज़रूरत पड़ती है।

किसी तरह की शारीरिक बीमारी का पता लगाने के लिए, उन्हें आपके ख़ून के नमूने की भी आवश्यकता हो सकती है, जिससे यह पता चल सके कि अवसाद की वजह कहीं कोई बीमारी तो नहीं।

अवसाद काफ़ी आम बात है, उतना ही आम जितना ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल का होना है। इसका सिर्फ़ यह मतलब होता है कि हमारा शरीर या मस्तिष्क उस तरह काम नहीं कर रहा है जैसे पहले करता था । अच्छी बात यह है कि इसका पूरी तरह से इलाज संभव है।

थेरेपी की मदद से आपको अवसाद से छुटकारा छुटकारा मिल सकता है, कुछ मामलों में दवाएं भी लिखी जा सकती हैं, ताकि अवसाद के लक्षणों को कम किया जा सके और उन पर थेरेपी का असर हो।

अगर आपको लगता है कि उदासी आपको ज़्यादा घेर रही है, तो ‘मन टॉक्स’ से संपर्क करें और आज ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े किसी पेशेवर की मदद लें। ऐसा करने में आपको किसी तरह की शर्मिंदगी को महसूस नहीं करना चाहिए। मदद के लिए उठाया गया आपका पहला क़दम, अपनी बेहतरी की तरफ़ बढ़ाया गया पहला सही क़दम होता है।

एक मनोचिकित्सक, एक नैदानिक मनोवैज्ञानिक, और एक परामर्शदाता/परामर्श मनोवैज्ञानिक के बीच अंतर के बारे में और पढ़ें जिन्हें निदान प्रदान करने की अनुमति है

मानसिक स्वास्थ्य के पैरोकार या सहयोगी कैसे बनें
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