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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मन टॉक्स और किसी अन्य स्वयंसेवी की चलाई जा रही हेल्पलाइन में क्या अंतर है?

स्वयंसेवकों की तरफ़ से चलाई जा रही हेल्पलाइन में अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों को शामिल किया जाता है। सहानुभूति के साथ सुनने और समझने की उनकी क्षमता के लिए उन्हें चुना जाता है। आगे चलकर, एक संगठन इन्हें अपने हिसाब से, अलग-अलग अवधियों वाला बुनियादी प्रशिक्षण भी देता है।

वहीं, इसके मुक़ाबले द मन टॉक्स हेल्पलाइन में, हम सिर्फ़ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पेशेवर लोगों को ही शामिल करते हैं. इन लोगों के पास काउंसलिंग और क्लिनिकल साइक्लॉजी का भी तजुर्बा होता है। ये लोग हमारे संगठन के साथ पूरी तरह मिलकर (फ़ुल टाइम) काम करते हैं।

 

मैं जो जानकारी दूं, क्या यह हेल्पलाइन उसे मेरे परिवार को बता देगी?

नहीं। मन टॉक्स के गोपनीयता प्रोटोकॉल के तहत हम आपकी सहमति के बिना, आपसे हुई बातचीत का कोई ब्यौरा किसी के साथ नहीं बांटते। हालांकि, अपवाद के तौर पर ऐसा सिर्फ़ तब किया जा सकता है, जब आपकी या किसी और की जान को खतरा हो। ऐसे में हमें किसी ऐसे व्यक्ति को सूचित करने की ज़रूरत पड़ सकती है जो आपकी सुरक्षा का ख़्याल रख सके। ऐसा आपको सूचित करने के बाद किया जाएगा।

क्या मैं उस व्यक्ति की तरफ़ से हेल्पलाइन पर कॉल कर सकता/ सकती हूँ जिसकी मुझे परवाह है?

बेशक। अक्सर आप ख़ुद को ऐसी स्थिति में पाते हैं जहां आप किसी क़रीबी की मदद करना चाहते हैं, लेकिन यह तय नहीं कर पाते है कि उनकी मदद किस तरह की जाए। ऐसे मामलों में, किसी हेल्पलाइन को शामिल करने से आप उन बातों को समझ सकते हैं कि आप अपने प्रियजन के लिए क्या कुछ कर सकते हैं या क्या वे ख़ुद अपनी मदद कर सकते हैं या नहीं। इसके अलावा, आपको कुछ ऐसे रिसॉर्स भी पता चल सकते हैं, जिनसे आप उनकी मदद कर पाएं। कुछ ऐसे मामले भी होते हैं जहां आप सीमाओं में रहकर ही दूसरे व्यक्ति की मदद कर सकते हैं, नतीजतन आप कई बार ख़ुद को असहाय और बहुत निराश पाते हैं। ऐसी स्थिति में किसी पेशेवर से बात करने पर आपको इन भावनाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है।

अपनी और अपनों की देखभाल, बेहतर तरीके से कैसे करें? यह जानने के लिए कृपया हमारे, किसी की सहायता करें और अपनी देखभाल सेक्शन पर जाएं और इस बारे में ज़्यादा जानकारी हासिल करें। आप हमसे हमारे इंस्टाग्राम पेज @mann.talks पर भी जुड़ सकते हैं, जहां हम अक्सर इस सवाल के बारे में पोस्ट करते हैं।

मन टॉक्स के साथ किसी सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म पर अगर मैं अपना नंबर शेयर करूं, तो क्या आप मुझे वापस फ़ोन करेंगे?

नहीं, मन टॉक्स हेल्पलाइन सिर्फ़ ऐसे कॉल का जवाब देती है, जो हमारे नंबर पर आते हैं। हालांकि, सिर्फ़ आपातकालीन स्थिति में ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े हमारे पेशेवर, आउटबाउंड कॉल करते हैं। इसके लिए भी क्लाइंट की पहले से सहमति होना ज़रूरी है।

टेलीफ़ोन पर काउंसलिंग कैसे की जाती है? क्या मन टॉक्स से जुड़े पेशेवरों से ई-मेल, व्हाट्सऐप मैसेज/ व्हाट्सऐप कॉल या इंस्टाग्राम मैसेज/इंस्टाग्राम कॉल के ज़रिए बात की जा सकती है?

किसी भी तरह की मनोवैज्ञानिक सेवा, जिसे टेलिफ़ोन की मदद से मुहैया कराया जाता है टेलिफ़ोनिक काउंसलिंग कहलाती है। इस हेल्पलाइन की मदद से हम फ़ोन पर बातचीत करके साइकोसोशल काउंसलिंग (मनोसामाजिक परामर्श) या चिकित्सा प्रदान करते हैं। इसके तहत आगे के सेशन भी कॉल पर ही रखे जाते हैं। मन टॉक्स हेल्पलाइन पर हम सिर्फ़ आने वाले फ़ोन कॉल का जवाब देते हैं। हमारे पेशेवर, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवालों के जवाब ई-मेल, व्हाट्सऐप या किसी सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म पर प्रदान नहीं करते हैं।

क्या मन टॉक्स के साथ अपॉइंटमेंट बुक की जा सकती है?

नहीं, यह सिर्फ़ एक हेल्पलाइन नंबर है और हमारे यहां अपॉइंटमेंट आधारित प्रणाली काम नहीं करती। आप हमारे कामकाज के घंटों के भीतर, हमें सीधे 8686 139 139 पर कॉल कर सकते हैं। कॉल के दौरान आप मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े हमारे किसी प्रशिक्षित पेशेवर से बात कर पाएंगे।

क्या हर बार कॉल करने पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े उसी पेशेवर से बात की जा सकती है?

हेल्पलाइन का सिस्टम ऑटोमैटिक होने से, कॉल करने वाले लोग किसी भी उपलब्ध काउंसलर से अपने-आप जुड़ते हैं। अगर कोई कॉल बीच में डिस्कनेक्ट हो जाए और वह व्यक्ति तुरंत कॉल बैक कर दे, तो ऐसे मामले में काउंसलर के उपलब्ध होने पर फिर से उसी काउंसलर से फ़ोन कनेक्ट हो जाता है। हम इस बात का पूरा आश्वासन दे सकते हैं कि सभी काउंसलर को एक ही तरह का प्रशिक्षण मिला है। साथ ही, काउंसलिंग करने के दौरान वे लोगों की बात सहानुभूति के साथ, बिना किसी पूर्व धारणा के सुनते हैं, ताकि सामने वाला व्यक्ति आसानी से अपनी बात रख सके।

मन टॉक्स में शामिल, मानसिक स्वास्थ्य के पेशेवरों की योग्यताएं क्या हैं?

मान टॉक्स में, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि आपकी आवश्यकताओं का समर्थन करने के लिए हम जो भी मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर हैं, कम से कम, मनोविज्ञान में स्नातक शैक्षणिक पृष्ठभूमि रखते हैं, परामर्श या नैदानिक ​​मनोविज्ञान में परास्नातक या पी.जी. परामर्श मनोविज्ञान में डिप्लोमा।

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पेशेवर कितने तरह के होते हैं?

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पेशेवरों को उनकी सेवाओं के आधार पर अलग-अलग वर्गों में बांटा जा सकता है:
 

सायकायट्रिस्ट (मनोचिकित्सक), प्रशिक्षित मेडिकल डॉक्टर होते हैं, जिनके पास एमबीबीएस की डिग्री होती है। स्नातकोत्तर में उन्होंने मनोचिकित्सा जैसे विषय की ख़ास पढ़ाई (स्पेशलाइज़्ड सब्जेक्ट) की होती है। वे मानसिक तनाव को कम करने की दवा लिख सकते हैं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई दूसरे विकारों की पहचान करने में मदद कर सकते हैं। कुछ मनोचिकित्सक, सायको थेरेपी भी मुहैया करा सकते हैं।

साइक्लॉजिस्ट (मनोवैज्ञानिक), ट्रेंड प्रोफ़ेशनल होते हैं। उनके पास क्लिनिकल साइक्लॉजी और काउंसलिंग में मास्टर्स की डिग्री होती है। वे मनोवैज्ञानिक और व्यवहार से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए, काउंसलिंग और सायको थेरेपिस्ट की सुविधा देते हैं। वे दवा नहीं लिखते। हालांकि, लाइसेंस वाले क्लिनिकल सायकायट्रिस्ट, लोगों को क्लिनिकल थेरेपी भी मुहैया कराते हैं।

मैं यह कैसे तय करूं कि मानसिक स्वास्थ्य की शाखा से जुड़े किस पेशेवर से मुझे संपर्क करना चाहिए?

आपके लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कौनसी सेवा बेहतर रहेगी, यह आपकी मानसिक चिंता (तनाव और अवसाद) की गंभीरता पर निर्भर करता है। इसी आधार पर आप यह तय कर सकते हैं कि आपको किस पेशेवर से संपर्क करने की ज़रूरत है:
 

काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट उस मनोवैज्ञानिक को कहते हैं जो आपको रोज़मर्रा की चिंताओं से निपटने में मदद करने वाले तरीक़े बताते हैं। इसके अलावा, वे अलग-अलग रणनीतियों की मदद से आपको भावनात्मक तौर मज़बूत भी करते हैं।

लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, चिकित्सीय दृष्टिकोण का इस्तेमाल करके, लोगों के मानसिक तनाव को कम करने में प्रशिक्षित होते हैं।

वहीं, मनोचिकित्सकों को मानसिक, भावनात्मक, और व्यवहार से जुड़े विकारों का उपचार और उनकी रोकथाम करने का प्रशिक्षण हासिल होता है। वे थेरेपी के साथ-साथ दवाएं भी प्रदान कर सकते हैं।

इसके अलावा, कोई व्यक्ति मानसिक चिंता से जुड़ी गंभीरता के आधार पर, उन क्षेत्रों या उपसमूहों पर शोध कर सकता है और ऐसे पेशेवर विशेषज्ञ से मिलने की कोशिश की जा सकती है, जो उस मानसिक चिंता को बेहतर ढंग से हल कर सके। जैसे रिश्तों से जुड़ी चिंताएं, माता-पिता से जुड़ी चिंताएं। ये कुछ ऐसी चिंताएं हैं जो मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े एक सही उपसमूह को खोजने में आपकी मदद कर सकता है। इससे आप तय कर सकते हैं कि आपको काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट ज़रूरत है या क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट की।

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पेशेवरों से मुझे किस तरह की मदद मिल सकती है?

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पेशेवर, विशेषज्ञता और योग्यता के आधार पर अलग-अलग तरीकों से लोगों की मदद कर सकते हैं। इसमें मानसिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन और उससे जुड़ी परेशानियों का निदान, थेरेपी और दवा से किया जाने वाला इलाज शामिल है। मन टॉक्स की हमारी टीम में काउंसलिंग साइक्लॉजिस्ट शामिल हैं। हम मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े तनाव और अनुभवों को बेहतर ढंग से समझने और मैनेज करने में आपकी मदद करते हैं। इनमें उन तरीकों की खोज की जाती है जिनसे इस तनाव को कम किया सके। साथ ही, ऐसे विचारों, भावनाओं, और व्यवहारों से निपटने की सीख भी दी जाती है जिनका असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता हो। मन टॉक्स में, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े हमारे प्रशिक्षित पेशेवर, भावनात्मक (सुनने और समझने) और मनोसामाजिक तरीके (मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक चुनौतियों पर बात करना) से आपकी मदद करते हैं। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य की आपकी ज़रूरत के आधार पर, काउंसलर आपको ऐसे सेशन भी मुहैया कराते हैं जिनसे मानसिक तनाव को कम करने के कुछ लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।

मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे परामर्शदाता/काउंसलर अपना काम अच्छे से कर रहे हैं?

अगर सेशन के दौरान एक कॉलर के रूप में आपको अपने अधिकारों के बारे में बताया जा रहा है, तो कह सकते हैं कि काउंसलर अच्छा काम कर रहा/रही है। आप महसूस करेंगे कि काउंसलर की तरफ़ से वाक़ई आपकी बात सुनी जा रही है और आपकी परेशानी को समझा जा रहा है। ज़रूरत पड़ने पर काउंसलर आपके साथ मिलकर, आपको कुछ ऐसे तरीकों बताएंगे जिनसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी को कम करने में मदद मिले। वे आपको शोध-आधारित जानकारी और रणनीतियां भी मुहैया कराएंगे। सेशन को कुछ ऐसे रखा जाएगा जहां आप बेपरवाह होकर अपनी बात रख सकें। कॉल के बाद, अगर आपको अपने सवालों को लेकर कुछ स्पष्टता मिले या कुछ हद तक हल्का महसूस करें, तो कह सकते हैं कि काउंसलर ने अच्छा काम किया है।

क्या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सभी पेशेवर लोग, कोई न कोई दवा लेने की सलाह दे सकते हैं?

नहीं, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विकारों के लिए, सिर्फ़ मनोचिकित्सक ही दवा लिखने और लेने की सलाह दे सकते हैं।

क्या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पेशेवर को अपना दोस्त मान सकते हैं?

नहीं, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा पेशेवर व्यक्ति आपका दोस्त नहीं है। भले ही चिकित्सीय संबंध के लिए आपसी समझ, करुणा, और सहानुभूति एक ज़रूरी एलिमेंट हैं। बावजूद इसके, यह एक पेशेवर गठबंधन है। मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए उठाए जाने वाले क़दमों के लिए चिकित्सक और चिकित्सीय सलाह लेने वाले व्यक्ति के बीच, सहयोग की ज़रूरत होती है, जिसके लिए अनुशासन और नैतिक सीमाओं का होना ज़रूरी है।

मन टॉक्स को फ़ंड कहां से मिलता है?/ मन टॉक्स को कैसे फ़ंड किया जाता है?

मन टॉक्स को शांतिलाल सांघवी फ़ाउंडेशन, श्री दिलीप सांघवी की शांतिलाल फ़ैमिली फ़ाउंडेशन, सन फ़ार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के संस्थापक और एमडी से पूरी तरह से वित्तीय मदद मिलती है।

मन टॉक्स को मैं अपनी राय, शिकायत या सुझाव कैसे दूं?

हमारे काउंसलर आपको कॉल के तुरंत बाद आईवीआर से जोड़ देंगे जहां आप गोपनीय रूप से 1 से 5 के पैमाने पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। हालांकि, यदि आप अधिक फीडबैक के साथ हमसे संपर्क करना चाहते हैं तो कृपया हमारे फीडबैक पेज को देखें।

क्या गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए, मन टॉक्स के कॉन्टेंट (टेक्स्ट, चित्र वगैरह) का इस्तेमाल किया जा सकता है?

नहीं। हालांकि,अगर आप हमारे किसी कॉन्टेंट का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो कृपया हमें contact@manntalks.org पर मेल भेजें, ताकि हम जान सकें कि आप उस कॉन्टेंट को कहाँ और क्यों इस्तेमाल करना चाहते हैं। अगर हम आपके अनुरोध को स्वीकार करते हैं, तो जहां हमारे कॉन्टेंट को इस्तेमाल किया जाएगा, वहां आपको हमारे काम का भी ज़िक्र करना आवश्यक होगा

COVID-19 से जुड़े तनाव की वजह से मुझे घबराहट महसूस होती है, मैं इसपर कैसे क़ाबू पाऊं?

वैश्विक महामारी या किसी ऐसी स्थिति में पैनिक अटैक आना काफ़ी स्वाभाविक है जो सबके लिए नई हो और किसी ने पहले कभी न देखी हो। कुछ ख़ास मौक़ों पर, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पेशेवरों की सलाह को भी अपनाने की सलाह दी जाती है। हालांकि, सामान्य तौर पर आप सांस से जुड़े कई अभ्यासों और खूब पानी पीकर भी अपने तनाव को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। इसके अलावा, आप अतीत और भविष्य की चिंताओं के बारे में अपने विचारों को मैनेज करके भी इस तनाव को कम करने का अभ्यास कर सकते हैं। समाचार देखने/ सुनने को सीमित करके भी पैनिक अटैक को रोकने में मदद मिल सकती है।

पैनिक अटैक के लक्षण, पैनिक अटैक के दौरान कैसे शांत रहें, और पैनिक अटैक आने पर किसी की मदद कैसे करें? इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए, कृपया हमारे पैनिक अटैक सेक्शन पर जाएं।

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में काम आने वाली कई दूसरी एक्सरसाइज़ के बारे में जानने के लिए, आप हमें इंस्टाग्राम पेज @mann.talks पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं।

एंग्ज़ाइटी अटैक का क्या मतलब है?

एंग्ज़ाइटी अटैक, अचानक पैदा होने वाली उस स्थिति को कहते हैं जहां हम काफ़ी घबराहट या भय महसूस करने लगें। यह स्थिति कुछ मिनटों से लेकर घंटों तक बनी रह सकती है। कोई व्यक्ति इसे किसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में या आने वाले किसी खतरे के तौर पर महसूस कर सकता है। एंग्ज़ाइटी अटैक के दौरान आप बेचैनी, दिल की धड़कन का तेज़ी से बढ़ना, मांसपेशियों में तनाव, पसीना छूटना, और सीने में दर्द जैसे लक्षण देख सकते हैं। अगर किसी को एंग्ज़ाइटी अटैक आ रहा हो, तो उसे घबराहट, ठंड और अत्यधिक चिंता महसूस हो सकती है। इसके अलावा, हाइपरविजिलेंस (अति सतर्कता) का अनुभव हो सकता है। कुछ लोगों के लिए, इस स्थिति में अपने आस-पास की घटनाओं और माहौल के हिसाब से, किसी बात का जवाब देना भी मुश्किल हो सकता है। हालांकि, सभी लोगों में एंग्ज़ाइटी अटैक के दौरान एक जैसे लक्षण नहीं देखे जा सकते और इसका उनपर असर भी एक जैसा नहीं हो सकता। ज़्यादा जानकारी के लिए, किसी विशेषज्ञ से संपर्क करके उनसे बात करें।

क्या मुझे एंग्ज़ाइटी या बैचेनी की शिकायत है?

तनाव होना हमारे शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, कुछ मौक़ों पर अगर हमें यह लगता है कि तनाव, चिंता, भय या बेचैनी जैसी भावनाएं लंबे समय तक बनी हुई हैं, तो हम यह भी महसूस कर सकते हैं कि यह भावनाएं रोज़मर्रा के हमारे कामों में दख़ल दें रही हैं। हालांकि, यह भावनाएं कुछ वक़्त के बाद महसूस नहीं होती, लेकिन वे आपकी ज़िंदगी में आती-जाती रहती हैं और मानसिक हलचल पैदा करती हैं। ऐसे में अगर यह भावनाएं दो हफ़्तों से ज़्यादा वक़्त तक रहती हैं, तो आपको एक स्क्रीनिंग चेकलिस्ट का उपयोग करना चाहिए, ताकि यह पता चले कि एंग्ज़ाइटी के लक्षण हैं या नहीं।

अगर आपको लगता है कि आप एंग्ज़ाइटी/चिंता के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो ज़्यादा जानकारी के लिए इस स्क्रीनिंग चेकलिस्टचेकलिस्ट को भरें।

कृपया ध्यान दें कि स्क्रीनिंग की चेकलिस्ट के नतीजे, किसी मनोरोग का पता करने की चाबी नहीं है, बल्कि यह चेकलिस्ट एक ज़रिया भर है, ताकि आप मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए ज़रूरी क़दम उठाएं। अगर आपके पास अपने मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के बारे में कोई सवाल है, तो कृपया किसी मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से बात करें।

मुझे अपने स्वास्थ्य / परिवार के स्वास्थ्य को लेकर काफ़ी चिंता महसूस होती है। मैं इससे कैसे निपटूं?

अपनों के स्वास्थ्य की चिंता होना स्वाभाविक सी प्रक्रिया है। इसे समझें और ख़ुद को इसे महसूस करने दें। इस बात को याद रखें कि जो आप महसूस कर रहे हैं, उस भावना में आप अकेले नहीं हैं, कई दूसरे लोग आपके साथ हैं। इसके बाद, यह पक्का करें कि आप अपनी और अपनों की सुरक्षा के लिए, आप सरकार की बताई हुई सभी सावधानियों का पालन कर रहे हैं। इससे आपको इस बात की तसल्ली होगी कि आप वह सब कर रहे हैं जो आप कर सकते हैं। साथ ही, इससे चिंता कम हो सकती है। अपने जेनरल फ़िज़ीशियन के संपर्क में रहें और उन्हें अपने घर के सदस्यों की सेहत का अपडेट देते रहें। कोशिश करें कि आप इलाज के लिए, इंटरनेट ब्राउज़ न करें। अपने परिवार के साथ किसी गतिविधि में शामिल होकर, खुद को बिज़ी रखने का प्रयास करें, इससे आपको अपना ध्यान भटकाने में भी मदद मिलेगी।

कृपया हमारे,किसी की मदद करें सेक्शन में जाएं। साथ ही, यहां आप यह जान सकते हैं कि आप अपनी और परिवार की देखभाल कैसे कर सकते हैं ख़ुद की देखभाल । आप हमारे इंस्टाग्राम पेज @mann.talks पर भी जा सकते हैं, जहां हम नियमित रूप से, अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की देखभाल के बारे में पोस्ट करते हैं।

बिना किसी चिकित्सा या इलाज के एंग्ज़ाइटी से कैसे निपटें?

ज़रूरत से ज़्यादा चिंता होने पर आपको मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पेशवर लोगों की मदद लेनी चाहिए। हालांकि, आप भी अपने शरीर की देखभाल कर सकते हैं। ध्यान लगाने से, हमें बुरे विचारों से बचने का मौक़ा मिलता है। इसके अलावा, भरपूर पानी पीने, सांस से जुड़े व्यायाम करने से तनाव को दूर रखने में मदद मिलती है।

जब आप चिंतित महसूस करें, अपनी सोच, और विचारों को रोक न पाएं, तो अपने शरीर का ध्यान देना शुरू करें। इस तरह के व्यायाम के लिए आप हमारे पेज पैनिक अटैक पर भी जा सकते हैं। आप हमें Instagram पर @mann.talks पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं।

ध्यान करने पर भी अगर चिंता कम न हो, तो मुझे क्या करना चाहिए?

चिंता/एंग्ज़ाइटी के प्रभावों से निपटने के लिए कई तरह की रणनीतियाँ उपलब्ध हैं। अगर आप ध्यान लगाने के बावजूद एंग्ज़ाइटी महसूस करते हैं, तो आप साँस से जुड़े व्यायाम को अपना सकते हैं। उदाहरण के लिए, 4 सेकंड तक गिनती करते हुए, नाक से धीमी, गहरी सांस लें और 4 सेकंड के लिए सांस को रोककर रखें। इसके बाद, साँसों को 4 सेकंड में छोड़ें।

मैं अपने परिवार/दोस्तों को अपनी चिंता/एंग्ज़ाइटी के बारे में कैसे बताऊं?

मदद मांगना भले ही कभी-कभी काफ़ी मुश्किल काम लगता हो, लेकिन अपनी भावनाओं को दूसरों को बताते रहने से हमें कई दफ़ा ज़रूरी मदद मिल सकती है। अपनी बातें शेयर करने के लिए, आप अपने परिवार/दोस्तों में से किसी एक क़रीबी व्यक्ति को चुन सकते हैं और उन्हें उन लम्हो के बारे में बताने की कोशिश कर सकते हैं, जहाँ आपको चिंता महसूस हुई थी। आप उन्हें यह भी बता सकते हैं कि वे आपकी मदद किस तरह कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप अब भी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि आपको अपने क़रीबियों से यह बातें शेयर करनी चाहिए या नहीं, तो आप जब चाहें, तब हमें कॉल कर सकते हैं।

क्या मुझे डिप्रेशन है?

लोगों की जानकारी में इज़ाफ़ा होने केचलते ही आज डिप्रेशन जैसे विषय पर बात होने लगी है। हालांकि, यह भी हो सकता है कि इसकी परिभाषा को ठीक से न समझ पाने से इसका कुछ और मतलब गढ़ लिया जाए। ऐसे में यह समझना ज़रूरी है अवसाद/डिप्रेशन एक क्लिनिकल मेंटल हेल्थ कंडीशन है, जिसका इलाज सिर्फ़ प्रमाणित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर, मनोचिकित्सक या क्लिनिकल सायकोलॉजिस्ट कर सकता है।

अवसाद के कुछ लक्षणों के उदाहरण:मूड खराब होना, किसी काम में रुचि या आनंद न आना, भूख और/या नींद में बदलाव होना, थकान, ख़ुद की आलोचना में इज़ाफ़ा होना, और ख़ुद को नुकसान पहुंचाने या आत्महत्या के विचार आना।

अगर आपको ख़ुद में अवसाद के लक्षण दिखें, तो इस स्क्रीनिंग चेकलिस्ट को भरें नज़र रखने वाली बात कृपया ध्यान दें कि स्क्रीनिंग की चेकलिस्ट के नतीजे, किसी मनोरोग का पता करने की चाबी नहीं है, बल्कि यह चेकलिस्ट एक जरिया भर है, ताकि आप मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए ज़रूरी क़दम उठाएं। अगर आप अपने मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के बारे में कोई सवाल हैं, तो कृपया किसी मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से बात करें।

डिप्रेशन में क्या-कुछ महसूस होता है?

रुचि में कमी आना या लम्बे समय तक उदासी से घिरे रहना, अवसाद के लक्षण हैं। इससे, हमारे व्यवहार और रोज़मर्रा के कामों पर कई तरह का असर दिखने लगता है। जैसे: नींद में बदलाव, भूख कम या ज़्यादा लगना, ऊर्जा का स्तर बदलना, एकाग्रता या ध्यान में भटकाव, व्यवहार बदलना या इसमें आत्म-सम्मान से जुड़ी बातें शामिल हो सकती हैं। अवसाद को आत्महत्या से जुड़े विचारों के साथ भी जोड़ा जा सकता है। अवसाद हर किसी व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता, अलग-अलग लोगों में अवसाद के अलग तरह के लक्षण दिख सकते हैं। इसलिए, अवसाद का इलाज व्यक्तिगत आधार पर किया जाना चाहिए।

क्या आपको अवसाद/ डिप्रेशन के लिए दवा लेने की ज़रूरत है?

दवा लेना या न लेना इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति में अवसाद का स्तर कितना है। भले ही थेरेपी, मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से अवसाद से निपटने में मदद करती है, लेकिन कभी-कभी अवसाद का स्तर इतना गंभीर होता है कि आपके मस्तिष्क में, न्यूरोकेमिकल्स के स्तर में बदलाव हो सकता है। ऐसे मामलों में, अवसाद से बेहतर तरीके से निपटने के लिए काउंसलिंग के साथ-साथ दवा लेने की ज़रूरत पड़ती है।

क्या अवसाद और चिंता असल में कोई समस्या है?

अवसाद और चिंता (एंग्ज़ाइटी), मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे मुद्दे हैं जो वाक़ई लोगों की ज़िन्दगी को प्रभावित कर सकते हैं। लोगों की सोच, व्यवहार, और भावनाओं पर इनका सीधा असर पड़ता है। अवसाद और चिंता से, लोगों के जीवन के अन्य पहलुओं पर भी असर पड़ता है। ये आपके रिश्ते, काम, और स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य की इन समस्याओं, जैसे अवसाद और डिप्रेशन के दौरान किसी करीबी व्यक्ति या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पेशेवर से संपर्क करना मददगार साबित हो सकता है।

अगर मुझे लगता है कि मेरा कोई अपना काफ़ी उदास है, तो मैं उनकी मदद कैसे करूं?

किसी क़रीबी या मित्र की अवसाद में मदद करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यहां कुछ बातें बताई जा रही हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने क़रीबियों की कुछ मदद कर सकते हैं। इसमें रोज़मर्रा के कामों के मदद करने के अलावा, इलाज के प्रति उनकी उदासीनता को ख़त्म करना और अपनी देखभाल करना भी शामिल है।

हम मन टॉक्स को कैसे सहयोग दे सकते हैं?

हम ऐसे लोगों और संस्थाओं की सराहना करते हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य की वकालत करते हैं और इसके लिए अपनी आवाज़ उठाते हैं। अगर आप हमारे साथ किसी तरह का सहयोग करना चाहते हैं, तो आप हमें contact@manntalks.org पर लिख सकते हैं या हमारे इंस्टाग्राम पेज @mann.talks पर हमें मैसेज भेज सकते हैं। अगर आप एक गैर-लाभकारी संस्था है जो अपनी कम्युनिटी के लिए मन टॉक्स की सेवाओं का लाभ उठाना चाहती है, तो कृपया ऊपर बताए गए किसी भी पते पर हमसे संपर्क करें।

क्या मैं मन टॉक्स को पैसे दान कर सकता/सकती हूं?

मन टॉक्स को शांतिलाल सांघवी फ़ाउंडेशन, श्री दिलीप सांघवी की शांतिलाल फ़ैमिली फ़ाउंडेशन, सन फ़ार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के संस्थापक और एमडी से पूरी तरह से वित्तीय मदद मिलती है। फ़िलहाल, हम किसी तरह का कोई दान स्वीकार नहीं कर रहे हैं। हालांकि, हम फिर भी आपके संपर्क में रहना चाहेंगे। कृपया हमें contact@manntalks.org पर मेल करें, ताकि जब फ़ंड जुटाने के समय हम आपसे सपंर्क कर पाएं।

मैं मन टॉक्स को कैसे सहयोग दे सकता/सकती हूं?

आप हमारी पहल के बारे में सोशल मीडिया पर बता सकते हैं। इसके अलावा, अपने दोस्तों और परिवार के बीच भी पहल का प्रचार करके, हमारा समर्थन कर सकते हैं

क्या मन टॉक्स, तीसरे पक्ष के कॉन्टेंट को प्रमोट करने में मदद कर सकता है?

कृपया contact@manntalks.org पर हमसे संपर्क करें या हमारे Instagram पेज @mann.talks पर हमें एक मैसेज भेजें। हमें किसी भी तरह के ज़रूरी कॉन्टेंट और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े और पेशेवर रूप से सत्यापित कॉन्टेंट को बढ़ावा देने में खुशी होगी

अपने परिवार/सहयोगियों/दोस्तों/सहपाठियों की जानकारी में इज़ाफ़ा करने के लिए, मैं मन टॉक्स से जुड़ी बातें कैसे शेयर करूं?

आप नीचे दिए गए, डाउनलोड करने लायक़ हमारे पोस्टर्स को अपने दोस्तों/परिवार/साथ शेयर कर सकते हैं। इसके अलावा, आप उन्हें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी के लिए, हमारी वेबसाइट पेज : manntalks.org | Instagram पेज : @mann.talks | Facebook पेज : Mann Talks का भी इस्तेमाल करने के लिए कह सकते हैं।

मन टॉक्स के साथ काम करने का तरीक़ा क्या है?

अगर आप काउंसिलिंग साइकोलॉजिस्ट हैं और हमारे साथ पूरी तरह से जुड़ने के लिए तैयार हैं, तो जूनियर काउंसलर (0-2 साल का अनुभव) या सीनियर काउंसलर (2 साल से ज़्यादा का अनुभव) की पोस्ट के लिए, नीचे दिए गए फ़ॉर्म को भरें। कृपया ध्यान दें कि हम साल में कुछ ख़ास अंतरालों पर ही लोगों की भर्ती करते हैं। ऐसे में हो सकता है कि हम तुरंत जवाब न दे पाएं। हालांकि, जैसे ही किसी जॉब पोस्ट के लिए भर्ती चालू होगी, हम आपसे सम्पर्क करेंगे। नौकरी से जुड़े अपडेट पाने के लिए, आप हमें Instagram.vacancy पर फ़ॉलो कर सकते हैं।

जूनियर काउंसलर: https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfuKBYVu301XaWEZbBmOKtA9j-KJpbVh5dfo8IIJEQvZtTo-w/viewform

सीनियर काउंसलर: https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSenPEQA9aiyi0wBmkv_5GMyNEnwSuFW62NSTRZ_5aPQCGqReg/viewform

आपके शैक्षणिक और व्यावसायिक बैकग्राउंड से मेल खाती जॉब के लिए, आप हमारी वेबसाइट के करियर पेज सेक्शन में जाकर, उन नौकरियों के बारे ज़्यादा जान सकते हैं, जिन्हें अब तक भरा नहीं गया है। इसके अलावा, आप हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैं, ताकि नौकरी से जुड़ी अक्सर होने वाली भर्तियों पर आपकी नज़र बनी रहे।

क्या मन टॉक्स में प्रशिक्षु/स्वयंसेवक बनकर काम कर सकते हैं?

अगर आप मन टॉक्स के साथ प्रशिक्षु या स्वयंसेवी के तौर पर जुड़ना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए गए फ़ॉर्म को भर सकते हैं। समय-समय पर ज़रूरत के हिसाब हम आपसे सम्पर्क करेंगे।

https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeAq846IKqaAipLcQODEboIzoifTTYxPnoaZtOZVxwzKzHu-A/viewform